जयपुर डेस्क। Rajasthan के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है इसी के साथ राजस्थान में भी इस लक्ष्य को ध्यान में रखकर निरंतर विकास कार्य किया जा रहे हैं भजनलाल शर्मा शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित फिक्की फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के 98वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
इस संबोधन में उन्होंने कहा कि फिक्की सरकार और उद्योग के बीच सेतु का कार्य करते हुए राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दे रहा हैं। यह मंच भारत के आर्थिक शक्ति का प्रतीक है जहां नीति निर्माता उद्योगपति निवेशक और उद्यमी एक साथ मिलकर राष्ट्र की प्रगति के लिए काम कर सकते हैं। राइजिंग Rajasthan सम्मेलन के लिए फिक्की ने यूके, जर्मनी, कतर और सऊदी अरब में हुए अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में साझेदारी भी की है। इसी के साथ मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत वर्तमान में विश्व के सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था में से एक है।
पिछले एक दशक में भारत में अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं इसी के साथ वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) श्रम सुधार से एक राष्ट्र एक बाजार की अवधारणा विकसित हो रही है वही भारतमाला, सागरमल, उड़ान जैसी योजनाओं से देश भर में परिवहन व्यवस्थाएं सुदृढ़ की जा रही है। मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, यूपीआई के माध्यम से भी स्वदेशी उत्पाद को बढ़ावा दिया जा रहा है और तकनीकी नवाचारों से विकसित भारत 2047 का लेख तैयार हो रहा है।
Rajasthan देश के सबसे बड़े राज्य के रूप में इस राष्ट्रीय यात्रा में भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार है, हमारी डबल इंजन सरकार के शासन में राजस्थान विकास की नई ऊंचाईया छू रहा हैं। हमारा दृष्टिकोण तीन स्तंभों सुधार, स्थिरता और अवसर पर आधारित है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अब तक कई महत्वपूर्ण काम किया है। राम जल सेतु लिंक परियोजना के माध्यम से राज्य के 17 जिलों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसी के साथ भजनलाल शर्मा ने कहा कि Rajasthan अब भारत का नवीनीकरण ऊर्जा पावर हाउस पावर हाउस बनकर सामने आ रहा है, हम सौर ऊर्जा उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है, वही पवन ऊर्जा ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया में भी आगे हैं, और राजस्थान में विभिन्न प्रकार के खनिज के भंडार है।
राज्य में अब तक 5 लाख से अधिक सूक्ष्म और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) एवं स्टार्टअप का पंजीकरण किया जा चुका है, जो देश भर में चौथा स्थान रखता है, आई स्टार्ट कार्यक्रम के तहत 7000 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हो रहे हैं या अब तक हो चुके हैं और इसी के साथ हजारों की संख्या में रोजगार विकसित हो रहे हैं, हमारी सरकार ने सड़क अवसंरचना के लिए 5 वर्षों की योजना में 60 करोड रुपए का प्रावधान भी रखा है।



